सर्च का झंझट खत्म, Google Discover से अपनी वेबसाइट का ट्रैफिक 10 गुना बढ़ाने का प्रूवन तरीका

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सर्च का झंझट खत्म, Google Discover से अपनी वेबसाइट का ट्रैफिक 10 गुना बढ़ाने का प्रूवन तरीका

Google Discover आज के डिजिटल युग में ऑर्गेनिक ट्रैफिक पाने का एक अनोखा और पावरफुल तरीका बन गया है। पारंपरिक SEO में यूजर्स गूगल पर कुछ सर्च करते हैं,

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Google Discover आज के डिजिटल युग में ऑर्गेनिक ट्रैफिक पाने का एक अनोखा और पावरफुल तरीका बन गया है। पारंपरिक SEO में यूजर्स गूगल पर कुछ सर्च करते हैं, लेकिन Google Discover में गूगल खुद यूजर्स को उनकी इंटरेस्ट के हिसाब से कंटेंट दिखाता है – बिना किसी सर्च के। यह एक AI-ड्रिवन, पर्सनलाइज्ड कंटेंट फीड है जो मोबाइल यूजर्स को उनकी पसंद के आर्टिकल्स, न्यूज और वीडियोज दिखाता है। कई वेबसाइट्स को Google Discover से उनके नॉर्मल SEO ट्रैफिक से भी ज्यादा विजिटर्स मिलते हैं। इस गाइड में हम आपको बताएंगे कि Google Discover में कैसे rank करें और अपनी वेबसाइट पर ऑर्गेनिक ट्रैफिक का एक नया स्रोत कैसे बनाएं। चाहे आप ब्लॉगर हों, कंटेंट क्रिएटर हों या बिजनेस ओनर – यह गाइड आपके लिए है।

Table of Contents

Google Discover क्या है और यह SEO के लिए क्यों महत्वपूर्ण है?

Google Discover एक कंटेंट डिस्कवरी फीड है जो गूगल ने 2018 में लॉन्च किया था। यह मुख्य रूप से मोबाइल डिवाइसेज पर Google App और Chrome ब्राउजर में दिखाई देता है। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह “queryless search” है – यानी यूजर को कुछ सर्च करने की जरूरत नहीं है।

Google Discover की विशेषताएं:

  • पर्सनलाइज्ड फीड: हर यूजर को उसकी ब्राउजिंग हिस्ट्री, सर्च पैटर्न और इंटरेस्ट के आधार पर अलग कंटेंट दिखता है। अगर कोई यूजर फिटनेस कंटेंट ज्यादा देखता है, तो उसे हेल्थ और वर्कआउट से जुड़े आर्टिकल्स मिलेंगे।
  • AI-ड्रिवन टेक्नोलॉजी: गूगल की मशीन लर्निंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यूजर बिहेवियर को एनालाइज करती है और सबसे रिलेवेंट कंटेंट दिखाती है।
  • विजुअल-फर्स्ट अप्रोच: Discover में हाई-क्वालिटी इमेजेज और विजुअल्स को बहुत इम्पोर्टेंस दी जाती है, जो यूजर का अटेंशन ग्रैब करते हैं।

SEO के लिए क्यों महत्वपूर्ण है:

Google Discover आपकी वेबसाइट पर ऑर्गेनिक ट्रैफिक का एक अतिरिक्त और पावरफुल सोर्स बन सकता है। कई साइट्स के लिए Discover ट्रैफिक नॉर्मल Google Search से भी ज्यादा होता है। यह खासकर न्यूज वेबसाइट्स, ब्लॉग्स, मीडिया पब्लिकेशंस, ई-कॉमर्स साइट्स और कंटेंट-हेवी वेबसाइट्स के लिए बेहद फायदेमंद है। Discover से मिलने वाला ट्रैफिक बिल्कुल फ्री और ऑर्गेनिक होता है – आपको किसी तरह का पेड प्रमोशन नहीं करना पड़ता।

1. Google Discover की बेसिक समझ और काम करने का तरीका

Google Discover को सफलतापूर्वक यूज करने के लिए यह समझना जरूरी है कि यह कैसे काम करता है और नॉर्मल SEO से कैसे अलग है।

Discover vs Traditional SEO:

पारंपरिक SEO में यूजर एक specific क्वेरी सर्च करता है और गूगल उसके लिए सबसे रिलेवेंट रिजल्ट्स दिखाता है। लेकिन Discover में कोई क्वेरी नहीं होती। गूगल यूजर की पास्ट एक्टिविटी, इंटरेस्ट्स और बिहेवियर के आधार पर कंटेंट रिकमेंड करता है।

  • यूजर इंटेंट: SEO में यूजर किसी specific इंफॉर्मेशन की तलाश में होता है। Discover में यूजर ब्राउज कर रहा होता है और इंटरेस्टिंग कंटेंट खोज रहा होता है – जैसे सोशल मीडिया फीड।
  • कंटेंट टाइप: SEO में informational, transactional और navigational कंटेंट काम करता है। Discover में engaging, emotional और trending कंटेंट बेहतर परफॉर्म करता है।

एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया:

कोई भी वेबसाइट Discover में appear हो सकती है – इसके लिए Google News में होना जरूरी नहीं है। हालांकि, कुछ बेसिक requirements हैं:

  • आपका कंटेंट गूगल द्वारा इंडेक्स होना चाहिए
  • मोबाइल-फ्रेंडली होना जरूरी है
  • गूगल की कंटेंट पॉलिसीज को फॉलो करना चाहिए
  • हाई-क्वालिटी, ऑरिजिनल कंटेंट होना चाहिए

उदाहरण: एक फूड ब्लॉग जो “बेस्ट चिकन रेसिपीज” पर SEO के लिए रैंक करता है, वह Discover में “आपकी पसंदीदा शेफ की नई रेसिपी ट्राई करें” जैसे engaging angle से दिख सकता है।

2. हाई-क्वालिटी इमेजेज का उपयोग करें

Google Discover एक विजुअली-ड्रिवन प्लेटफॉर्म है जहां इमेजेज यूजर के क्लिक करने या न करने में क्रिटिकल रोल प्लेय करती हैं। खराब या लो-क्वालिटी इमेज आपके कंटेंट को Discover में दिखने से रोक सकती है।

इमेज रिक्वायरमेंट्स:

  • साइज: इमेज की विड्थ कम से कम 1200 पिक्सल्स होनी चाहिए। गूगल लार्ज, हाई-रेजोल्यूशन इमेजेज को प्रायोरिटी देता है।
  • क्वालिटी: क्रिस्प, क्लियर और प्रोफेशनल इमेजेज यूज करें। ब्लरी, पिक्सेलेटेड या लो-रेजोल्यूशन फोटोज से बचें।
  • रिलेवेंस: इमेज आर्टिकल के कंटेंट से डायरेक्टली रिलेटेड होनी चाहिए और आर्टिकल के मेन टॉपिक को विजुअली रिप्रेजेंट करनी चाहिए।

टेक्निकल सेटअप:

  • मेटा टैग: अपने HTML में max-image-preview:large मेटा टैग ऐड करें। अगर आप WordPress यूज करते हैं और Yoast SEO या RankMath जैसे प्लगइन्स इस्तेमाल करते हैं, तो यह ऑटोमेटिकली सेट हो जाता है।
  • AMP (Accelerated Mobile Pages): अगर आपकी साइट AMP यूज करती है, तो यह भी Discover में बेहतर परफॉर्मेंस के लिए फायदेमंद है।
  • इमेज ऑप्टिमाइजेशन: फाइल साइज को कम रखें (compression यूज करें) ताकि पेज फास्ट लोड हो, लेकिन क्वालिटी compromise न हो।
  • प्रो टिप: ओरिजिनल, यूनिक फोटोग्राफी या कस्टम ग्राफिक्स यूज करें। स्टॉक फोटोज से बचें या उन्हें कस्टमाइज करें ताकि वे यूनिक दिखें।

उदाहरण: एक ट्रैवल ब्लॉग “मनाली में घूमने की जगहें” पर आर्टिकल लिखता है। एक stunning, high-resolution फोटो मनाली के snow-covered mountains की यूज करने से Discover में ज्यादा क्लिक्स मिल सकते हैं।

3. एंगेजिंग और इमोशनल कंटेंट बनाएं

Google Discover में सबसे ज्यादा परफॉर्म करने वाला कंटेंट वह होता है जो इमोशनली engaging हो और यूजर के साथ कनेक्ट करे। Boring, ड्राई या टेक्निकल कंटेंट Discover में अच्छा परफॉर्म नहीं करता।

इमोशनल ट्रिगर्स:

  1. करियोसिटी: ऐसे टॉपिक्स जो यूजर की जिज्ञासा जगाएं। “यह सीक्रेट ट्रिक आपकी लाइफ चेंज कर देगा” टाइप का angle।
  2. सरप्राइज और शॉक: अनएक्सपेक्टेड इंफॉर्मेशन, सरप्राइजिंग फैक्ट्स या shocking revelations।
  3. इंस्पिरेशन: मोटिवेशनल स्टोरीज, सक्सेस स्टोरीज, transformational journeys।
  4. एम्पेथी: रिलेटेबल एक्सपीरियंसेज, कॉमन प्रॉब्लम्स और उनके सॉल्यूशंस।

हाई-परफॉर्मिंग कंटेंट टाइप्स:

  1. पर्सनल स्टोरीज: “कैसे मैंने 6 महीने में 20 किलो वजन घटाया” जैसे फर्स्ट-पर्सन नैरेटिव्स।
  2. लिस्टिकल्स: “10 चीजें जो आप नहीं जानते थे” या “5 गलतियां जो सब करते हैं”।
  3. कंट्रोवर्सियल टॉपिक्स: (सावधानी से) डिबेटेबल टॉपिक्स जो डिस्कशन स्पार्क करें।
  4. ट्रेंडिंग टॉपिक्स: करंट इवेंट्स, वायरल ट्रेंड्स, पॉपुलर कल्चर।
  5. कंटेंट लेंथ: एनालिसिस के अनुसार, टॉप-परफॉर्मिंग Discover आर्टिकल्स की average word count 700-1000 words होती है। बहुत ज्यादा लंबे आर्टिकल्स की जरूरत नहीं – फोकस क्वालिटी और एंगेजमेंट पर होना चाहिए।

उदाहरण: एक हेल्थ ब्लॉग “डायबिटीज की 10 वॉर्निंग साइन्स जो आप इग्नोर कर रहे हैं” लिखता है – यह informational और इमोशनल दोनों है।

4. हेडलाइन ऑप्टिमाइजेशन की कला सीखें

Google Discover

Google Discover

आपकी हेडलाइन Google Discover में सबसे महत्वपूर्ण एलिमेंट है। एक compelling headline और एक boring headline में रात-दिन का फर्क होता है CTR (Click-Through Rate) में।

इफेक्टिव हेडलाइन फॉर्मूलाज:

  • नंबर्स यूज करें: “7 तरीके”, “5 सीक्रेट्स”, “10 टिप्स” – नंबर्स अटेंशन ग्रैब करते हैं और specificity देते हैं।
  • क्वेश्चन फॉर्मेट: “क्या आप यह गलती कर रहे हैं?”, “क्या यह ट्रिक सच में काम करती है?”
  • पावर वर्ड्स: “सीक्रेट”, “शॉकिंग”, “अमेजिंग”, “गेम-चेंजिंग”, “प्रूवन”, “गारंटीड” जैसे इम्पैक्टफुल शब्द।
  • स्पेसिफिसिटी: वेग हेडलाइन्स से बचें। “वजन कैसे घटाएं” से बेहतर है “30 दिनों में 5 किलो वजन घटाने का proven तरीका”।

हेडलाइन लेंथ:

  • आदर्श लेंथ: 10-17 शब्द सबसे अच्छे परफॉर्म करते हैं। बहुत छोटी हेडलाइन्स कंटेक्स्ट नहीं देतीं, और बहुत लंबी मोबाइल पर truncate हो जाती हैं।
  • मोबाइल व्यू: याद रखें कि Discover मुख्य रूप से मोबाइल पर है, तो हेडलाइन मोबाइल स्क्रीन पर अच्छी दिखनी चाहिए।

क्लिकबेट vs एंगेजिंग:

यह एक फाइन लाइन है। एंगेजिंग हेडलाइन्स यूजर को attract करती हैं लेकिन कंटेंट deliver भी करती हैं। क्लिकबेट हेडलाइन्स misleading होती हैं और actual कंटेंट expectation पूरी नहीं करता।

  • अच्छी हेडलाइन: “5 आसान घरेलू नुस्खे जो अनिद्रा दूर करें” (engaging और informative)
  • क्लिकबेट: “इस एक ट्रिक से हमेशा के लिए नींद की समस्या खत्म!” (overpromising और misleading)
  • गूगल क्लिकबेट के खिलाफ है और ऐसी हेडलाइन्स को penalize कर सकता है या manual action भेज सकता है।

उदाहरण: एक फाइनेंस ब्लॉग “म्यूचुअल फंड में निवेश कैसे करें” की जगह “₹5000 से शुरू करें म्यूचुअल फंड में निवेश – बिगिनर्स गाइड 2025” लिखता है।

5. E-A-T (Expertise, Authority, Trust) पर फोकस करें

Google Discover में रैंक करने के लिए E-A-T (Expertise, Authoritativeness, Trustworthiness) बहुत महत्वपूर्ण है, खासकर YMYL (Your Money, Your Life) टॉपिक्स के लिए।

Expertise (विशेषज्ञता):

ऑथर क्रेडेंशियल्स: आर्टिकल में author bio शामिल करें जो उनकी qualifications और expertise दिखाए। अगर health article लिख रहे हैं, तो doctor या certified nutritionist का नाम और credentials mention करें।

डिटेल्ड कंटेंट: सतही इंफॉर्मेशन देने की बजाय in-depth, well-researched कंटेंट प्रोवाइड करें जो expertise दर्शाए।

Authority (प्राधिकरण):

  • बैकलिंक्स: अथॉरिटेटिव साइट्स से बैकलिंक्स आपकी साइट की authority बढ़ाते हैं।
  • मेंशन्स और रेफरेंसेज: अपने content में credible sources को cite करें और reference दें।
  • ब्रांड प्रेजेंस: सोशल मीडिया, इंडस्ट्री फोरम्स और अन्य प्लेटफॉर्म्स पर active presence बनाएं।

Trust (विश्वसनीयता):

  • ट्रांसपेरेंसी: Contact information, about page, privacy policy, terms of service clearly display करें।
  • सिक्योर साइट: HTTPS यूज करें (SSL certificate)।
  • एक्यूरेट इंफॉर्मेशन: factually correct और updated information देना बहुत जरूरी है।

YMYL टॉपिक्स:

Health, finance, legal, news जैसे sensitive topics के लिए E-A-T extra critical है। इन areas में गलत इंफॉर्मेशन यूजर को harm कर सकती है, इसलिए Google बहुत strict है।

उदाहरण: एक हेल्थ साइट “डायबिटीज के लक्षण” पर आर्टिकल लिखती है। वे एक certified endocrinologist से review करवाते हैं और उनका bio और credentials शामिल करते हैं।

6. मोबाइल-फ्रेंडली और फास्ट लोडिंग वेबसाइट बनाएं

Google Discover मुख्य रूप से मोबाइल यूजर्स के लिए है, इसलिए आपकी साइट का मोबाइल एक्सपीरियंस परफेक्ट होना चाहिए।

मोबाइल ऑप्टिमाइजेशन:

  • रेस्पॉन्सिव डिजाइन: आपकी साइट सभी स्क्रीन साइजेज पर properly display होनी चाहिए – smartphones, tablets, everywhere।
  • टच-फ्रेंडली: बटन्स और लिंक्स काफी बड़े होने चाहिए कि finger tap से आसानी से क्लिक हो सकें।
  • रीडेबिलिटी: टेक्स्ट साइज readable हो, proper spacing हो, और मोबाइल पर scroll करना easy हो।

पेज स्पीड:

  1. लोडिंग टाइम: आपका पेज 3 सेकंड्स या उससे कम में लोड होना चाहिए। Slow loading pages यूजर को frustrate करते हैं और Discover में penalize हो सकते हैं।
  2. Core Web Vitals: Google के Core Web Vitals metrics (LCP, FID, CLS) को पास करना जरूरी है।

ऑप्टिमाइजेशन टेक्निक्स:

  • Image compression (WebP format यूज करें)
  • Minify CSS, JavaScript, HTML
  • Browser caching enable करें
  • CDN (Content Delivery Network) यूज करें
  • Unnecessary plugins remove करें

टेस्टिंग टूल्स:

  1. Google PageSpeed Insights: अपनी साइट की speed और mobile-friendliness चेक करें।
  2. Mobile-Friendly Test: Google का tool जो बताता है कि आपकी साइट मोबाइल पर कैसी दिखती है।
  3. Chrome DevTools: Device emulation के लिए।

उदाहरण: एक ब्लॉग अपनी images को compress करता है, lazy loading इंप्लीमेंट करता है, और अनावश्यक scripts हटा देता है – result में page load time 5 seconds से 1.5 seconds हो जाता है।

7. रेगुलर और फ्रेश कंटेंट पब्लिश करें

Google Discover फ्रेश, टाइमली कंटेंट को prefer करता है। रेगुलर publishing आपकी साइट को Discover में active और relevant बनाए रखती है।

कंटेंट फ्रेशनेस:

  1. न्यू आर्टिकल्स: नियमित रूप से नए आर्टिकल्स पब्लिश करें। Discover algorithm recently published content को boost देता है।
  2. अपडेट्स: पुराने आर्टिकल्स को regularly update करें नई इंफॉर्मेशन, statistics और insights के साथ।
  3. ट्रेंडिंग टॉपिक्स: Current events और trending topics पर तुरंत content create करें।

पब्लिशिंग फ्रीक्वेंसी:

  1. कंसिस्टेंसी: हफ्ते में कम से कम 3-5 आर्टिकल्स पब्लिश करने की कोशिश करें।
  2. क्वालिटी over क्वांटिटी: लेकिन याद रखें – 10 mediocre articles से बेहतर है 3 excellent articles।
  3. टाइमिंग: Discover यूजर्स के active hours में content publish करें (usually सुबह 8-10 बजे और शाम 6-9 बजे)।

कंटेंट कैलेंडर:

एक editorial calendar बनाएं जो plan करे:

  • आगामी events और observances (festivals, national days, etc.)
  • Seasonal topics (monsoon tips, winter fashion, etc.)
  • Industry trends और predictions
  • Regular series या columns

एवरग्रीन vs टाइमली:

  • टाइमली कंटेंट: Discover में immediate boost देता है लेकिन short lifespan होती है। Breaking news, viral trends।
  • एवरग्रीन कंटेंट: Long-term value देती है। “How-to” guides, tutorials, fundamental concepts।

बेस्ट स्ट्रेटेजी: दोनों का mix रखें।

उदाहरण: एक टेक ब्लॉग हफ्ते में 4 articles publish करता है – 2 trending tech news पर, 1 in-depth tutorial, और 1 product review। यह balance Discover और SEO दोनों में हेल्प करता है।

8. यूजर इंटरेस्ट और पर्सनलाइजेशन को समझें

Google Discover

Google Discover

Google Discover हर यूजर को अलग कंटेंट दिखाता है उनकी personal interests के आधार पर। इसे समझना और leverage करना important है।

यूजर सिग्नल्स:

  • सर्च हिस्ट्री: यूजर ने पास्ट में क्या search किया है, यह उनके Discover feed को influence करता है।
  • ब्राउजिंग बिहेवियर: कौन से websites visit करते हैं, कितनी देर रुकते हैं, क्या articles पढ़ते हैं।
  • एंगेजमेंट: किन topics पर click करते हैं, किन articles को पूरा पढ़ते हैं।
  • लोकेशन: Local और region-specific content को preference मिलती है।

निच टार्गेटिंग:

  • स्पेसिफिक ऑडियंस: Broad topics की बजाय specific niches को टार्गेट करें। “फिटनेस” की जगह “40+ उम्र की महिलाओं के लिए योगा”।
  • माइक्रो-टॉपिक्स: Deeply focused content बनाएं जो specific interests address करे।
  • कम्युनिटी बिल्डिंग: एक dedicated audience बनाएं जो आपके content को regularly engage करे।

कंटेंट वैरायटी:

  • मल्टीपल फॉर्मेट्स: Text articles, videos, infographics, listicles – variety maintain करें।
  • डाइवर्स टॉपिक्स: अपनी main niche के अंदर different sub-topics cover करें।

पर्सनलाइजेशन सिग्नल्स:

जितना ज्यादा engaging और relevant कंटेंट बनाएंगे, उतना ज्यादा Google को पॉजिटिव सिग्नल्स मिलेंगे और आपका content ज्यादा यूजर्स को दिखाया जाएगा।

उदाहरण: एक पेरेंटिंग ब्लॉग “0-2 साल के बच्चों के लिए nutrition tips”, “3-5 साल के बच्चों की activities”, “teenagers के लिए parenting advice” – अलग-अलग specific segments target करता है।

9. Google Search Console में परफॉर्मेंस ट्रैक करें

Google Search Console (GSC) वर्तमान में Discover performance को track करने का एकमात्र ऑफिशियल तरीका है।

Discover Report एक्सेस करना:

GSC के Performance section में जाएं। अगर आपकी साइट को Discover से traffic मिला है, तो आपको एक separate “Discover” tab दिखेगा। यह tab तभी appear होता है जब आपकी साइट पर Discover traffic आता है।

की मेट्रिक्स:

  • Clicks: कितने यूजर्स ने Discover में आपके article पर click किया।
  • Impressions: आपका content कितनी बार Discover feed में दिखा।
  • CTR (Click-Through Rate): Impressions में से कितने percent ने click किया। High CTR मतलब compelling headline और image।

डेटा एनालिसिस:

  • टॉप-परफॉर्मिंग कंटेंट: कौन से articles सबसे ज्यादा traffic ला रहे हैं? उनमें क्या common है?
  • ट्रेंड्स आइडेंटिफाई करें: किस type का content best perform कर रहा है? किस time पर traffic spike होता है?
  • अंडर-परफॉर्मर्स: कौन से articles impressions तो पा रहे हैं लेकिन clicks नहीं मिल रहे? इनकी headlines या images improve करें।

लिमिटेशंस:

No Google Analytics Integration: Currently, Discover traffic को Google Analytics में separately track नहीं कर सकते।

No API: Discover के लिए कोई dedicated API नहीं है, तो large-scale analysis मुश्किल है।

Delayed Data: कभी-कभी data में 2-3 days की delay हो सकती है।

ऑप्टिमाइजेशन इनसाइट्स:

  • High impressions but low CTR? Headlines और images improve करें
  • High CTR but low impressions? Content distribution और frequency बढ़ाएं
  • Sudden traffic drop? Check for algorithm updates या manual actions

उदाहरण: एक publisher देखता है कि उनके celebrity gossip articles बेहतरीन CTR दिख रहे हैं लेकिन health articles में impressions ज्यादा हैं। वे अपनी strategy adjust करते हैं।

10. मैनुअल एक्शन से बचें और गाइडलाइंस फॉलो करें

Google Discover से आपकी साइट को permanently ban किया जा सकता है अगर आप उनकी policies violate करते हैं। Manual actions बहुत serious होते हैं।

कॉमन वायलेशंस:

  • Clickbait और Misleading Content: ऐसी headlines जो promise कुछ और करें और deliver कुछ और करें।
  • Low-Quality या Thin Content: Copied, spun, या बहुत कम value वाला content।
  • Sexually Explicit Content: Adult content Discover में allowed नहीं है (कुछ exceptions के साथ)।
  • Violent या Disturbing Content: Graphic violence, gore, shocking imagery।
  • Dangerous Content: Harmful medical advice, dangerous DIY instructions, illegal activities promote करना।
  • Lack of Transparency: Author information, contact details, ownership clarity न होना।

मैनुअल एक्शन के परिणाम:

  • Specific URLs Penalized: कुछ pages Discover से हटाए जा सकते हैं।
  • Site-Wide Ban: Serious violations पर पूरी साइट Discover से remove हो सकती है।
  • रिकवरी मुश्किल: Manual action lift होने में weeks या months लग सकते हैं।

गाइडलाइंस फॉलो करना:

  1. कंटेंट क्वालिटी: Original, well-researched, valuable content create करें।
  2. ऑथर ट्रांसपेरेंसी: Clear author bylines, bios, और credentials दें।
  3. Fact-Checking: Especially news और YMYL topics के लिए accuracy ensure करें।
  4. Ethical Practices: Sensationalism से बचें, balanced perspective दें।

रेगुलर ऑडिट्स:

अपनी साइट की regularly audit करें:

  • Problematic content identify करें
  • Old articles update या remove करें जो current guidelines से align नहीं करते
  • User complaints और feedback monitor करें

उदाहरण: एक health website को manual action मिलता है क्योंकि उन्होंने “यह एक चीज खाओ और कैंसर खत्म” type की misleading headline लिखी। उन्हें सभी ऐसे articles remove करने पड़ते हैं और reconsideration request submit करना पड़ता है।

मुख्य बातें (Key Takeaways)

Google Discover एक अलग गेम है: यह traditional SEO से बहुत different है। Social media और SEO के बीच का mix समझें।

विजुअल्स क्रिटिकल हैं: High-quality, large images (1200px+) non-negotiable हैं। खराब images = no Discover visibility।

इमोशनल कनेक्शन जरूरी: Boring, dry content Discover में fail होता है। Engaging, emotional, curiosity-driven content बनाएं।

हेडलाइन्स मेटर: 10-17 words की compelling, specific headlines जो curiosity create करें लेकिन misleading न हों।

E-A-T इग्नोर न करें: खासकर YMYL topics के लिए। Expertise, authority, trust demonstrate करें।

मोबाइल-फर्स्ट अप्रोच: Discover मोबाइल-only है practically। Fast, responsive, mobile-friendly site जरूरी है।

फ्रेशनेस काउंट्स: Regular publishing और content updates Discover algorithm को पॉजिटिव signals देते हैं।

निच targeting: Broad topics की जगह specific, deeply-focused content better perform करता है।

परफॉर्मेंस ट्रैकिंग: Google Search Console में regularly Discover metrics analyze करें और optimize करें।

गाइडलाइंस फॉलो करें: Clickbait, misleading content, policy violations से बचें। Manual action आपकी साइट को Discover से permanently ban कर सकता है।

अनप्रिडिक्टेबल ट्रैफिक: Discover traffic बहुत fluctuate करता है। इसे bonus मानें, primary traffic source नहीं।

टेस्ट और इटरेट: Different headlines, images, content types test करें। देखें क्या काम करता है और उसे scale करें।

निष्कर्ष

Google Discover आपकी website के लिए ऑर्गेनिक traffic का एक पावरफुल और अतिरिक्त source बन सकता है। हालांकि यह traditional SEO से काफी अलग है, लेकिन सही strategy और consistency के साथ आप इससे significant results पा सकते हैं।

याद रखें कि Discover में success overnight नहीं मिलती। यह एक लंबी process है जिसमें high-quality content creation, proper technical optimization, और continuous monitoring की जरूरत होती है। अपने content को engaging बनाएं, user experience पर focus करें, और Google की guidelines को strictly follow करें।

Discover traffic unpredictable हो सकता है – कभी एक article viral हो जाता है और लाखों impressions ला देता है, कभी सब कुछ quiet रहता है। इसलिए Discover को अपनी overall digital marketing strategy का हिस्सा बनाएं, लेकिन इस पर पूरी तरह dependent न हों।

आज ही शुरुआत करें – अपने existing content को Discover-friendly बनाएं, नए engaging articles publish करें, और धीरे-धीरे अपनी Discover presence build करें। सही approach के साथ, Google Discover आपकी website पर traffic और visibility का एक valuable channel बन सकता है।

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